{Best 50+} Arunendra Kumar Shayari, Thought, Poet Lyrics हिंदी मैं

Arguments Kumar Shayari

Arunendra kumar एक शायर है। वो पेहेले TikTok है सायरी वीडियो पिस्ट करते थे, TikTok बैंड होने के बाद वो अब Instagram पर Active है और उनके 500k Follower Instagram में Complete हुआ है। 

उनका बहत सारे Follower Youtube है भी है। अगर आप Arunendra kumar Shayari खोज रहेहो तो ये आपके लिए सबसे अच्छा जगा है।

Alisha Rajput Short Biography

Full Name Arunendra Kumar
Nick Name Vikku
Date of Birth 15 October 1997
Home Town Mumbai, Maharastra, India
Nationality Indian
Religion Hinduism
Educational Qualification Graduation
Profession Shayer and YouTuber

Arunendra Kumar Shayari

देखी आँजने में केशा है सगुन निकला
उसके होने वाले का भी नाम अरुन्द्र निकला

महाबत्त हम्मव भी नसीब हो जति तो
मैखालो में सराब की गुलाम नही होते
जीते जी अगर मिल गयी होती
मांगे खुद से मौत की पैगाम नही होते

नाराजगी दूर नही हियी
हजारो बार मनाने पर
जाने कैसा महबूब है
आड़ गयाहै रुलाने पर

जिस ब्याक्यो को आपने काल किया है
वी कोई और लाइन पर ब्यस्त है
आपको लगा होगा सिर्फ आजके है
लेकिन वो किसी और क साथ मस्त है

मेरी हार के सफर में मेरा अपना पराया होते गया
मुझपर जिंदा रहने वाला किसी और पर मरता गया
एक ढोंग देखा एक दिन आखो में उसकी
गैरो के आगे हस्ता और मेरे आगे रोता गया

जरूरी नही हर सायर का दिल टूटा हो
किसिकी महाबत्त भी मुकम्बल हो जाया करती है

Arguments Kumar Shayari Lyrics

Arunendra7 Shayari in Hindi

एक पल में यू बदल गयी उसकी चाहत
मेरी रु को भी नही हुई हल्की सी आहत

कसूर तेरा नही वक्त मेरा खराब था
हकीकत कुसी और कि बन गई
जो मेरा खोवाब था

तेरी तसबीए से भी में अब सवाल पूछता हूं
मत पूछ किस किस से तेरा हाल पूछता हूं

क्या रखा है अब इस बे फिजूल की बातों में
जब कटनी है जिंदगी अकेला तन्हा रातो में
बहत मौके तुझे भी मिले, बहत मौके मुझे भी मिले
तू आगयी पर में नही आया किसी और कि बातो में

एक सच तो ये भी है तुम बहत सुंदर हो
और तुम्हारी सुंदरता के आगे मेरी महबत्त फिकी पड़ती है

जितना तड़पा हु एक दिन तड़पो गे
जिस जिस गली भटक तुम भी भटको गे
खेल खेला जो महाबत्त का
इतनी सफाई से गले मिलना तो छोड़ो
हात मिलने को तरसो गे

वो अब वो नही रहा लगता कोई और हे
देखता है अभी मुझे
पर दिलमे आब रखता कोई और हे

Arguments Kumar Shayari Lyrics

Arguments Kumar Shayari Lyrics

ये प्यार फायर का चगकर नही तो एक दिन बाडा पछतायेगा
अर्जित के गुण तू सुबह सबेरे लगाएगा
में तो आज सुनकर कहानी आज चला जाऊंगा
कलको तू भी यहां खड़ा ही कर सुनाएगा

कहते है-प्यार, महाबत्त, इश्क़ आपने आप होता है
बीटा जिंदगी झंडी हो जाएगी
क्यों कि धिका इन सबका बाप है

झूट बोल कर दिल जितना मुझे आता नही
इसलिए तो किसीके दिल को भा नही पाया

मुझसे दूर रहकर भी मुझसे महाबत्त इतनी हो जाये
मुझसे ज्यादा न सही कम से कम मेरे जितनी हो जाये

जिंदगी में आकर सिग्रेट छुड़वाने का वादा करते थे
आज विही देखो किसी और क साथ पेग लगा रहेहै

रूबरू हो गया था दिमाग तेरी हरकोतो से
कम्बखत दिल बाज नही आया अपनी आदतों से

जिसम की कारोबार में इश्क़ बदनाम हो रहाहै
सच्ची महाबत्त के सिबह हर चीज़ पर एतबर हो रहाहै

रातो में सोने से पहले याद बड़ी सताती थी उसकि
ए नोकरी यू थकाके सुलाने के लिए तेरा सुक्रिया

Arunendra7 Shayari Lyrics in Hindi

जाना सुनो, नींद रातो में मुझे मुझे क्यों आती नही
गेरो की बाहोंमे कैशे महफूज हो
ये सिच मेरे दिमाग से जाती नही

ये रिश्ता हम तुम्हारे है सनम से
हम्म आपके है कौन पे आगया
जो हुआथा सुरु I Love You से
वो please Moove on में आगया

वो पागल लड़की अनजाने में मेरा नाम सुन रुक तो जाती हिगी
जैशे पलटी थी सुमरन राज के लिए
वो येसे पलट तो जाती होगी

बताया बीमार हु और मिलने चलिगयीं बज़्ज़ार कीसी और से
ये सही बक्त में मुझे बज़्ज़ार बुलाने के लिए तेरा सुक्रिया

सूखे पत्ते खुद ही झाड़ जाते है
उन्हें झाड़ना नही पड़ता
इश्क़ में लोग खुद मर जाते है
उन्हें मरना नही पड़ता

जाना तूने अगर रिस्ते को थोड़ा और वक्त दिया होता हो
आज में शायद शायर नही बनता
अगर तूने दिल से महाबत्त निभाई होती
तो मेरी नजरो में तू कायर नही बंनता

एक वक्त तेरी जिंदगी में आएगा जरूर
जब तुझे तेरी गलत होने का एहेसास होगा
में भी देखना चाहता हु कोई तेरे साथ
इतना गलत करे तो तुझे कैशे बरदास होगा

Best Shayari of Arguments Kumar

कसमो असुर वादों के जल में मत पड़ना कभी
अगर कसमे सच होती
तो आज में जिंदा नही होता

आपने गिरने से लेकर उठने तक कि
कहानी इन पन्नो में उतारी है
आप सब तो सिर्फ सुनते है
हम्मने सचमे ऐसी जिंदगी गुजरी है

ठुकराके मेरा प्यार कुछ उसने भी खोया होगा
मेरी सामने न सही किसीके सामने वो रोया होगा

तुम्हारे जाने के बाद एक को और मौका दिया था
नसीब में ही नही है इश्क़ का घर उसने भी ढोक ड़िया

सही गलत कोन कितना ये जाना हम दोनी जानते है
में चेहरे पे खुसी लिखा गम कैशे छुपाता हु
ये बस मेरा दिल जानता है

पहंच जाते तो जरूर आता जवाब तुम्हारा जाना
सैयद इन कबूतरों ने ही खोतो को खाया होगा

तुझे कब आकल आएगी कहतेथे घर वाले जिसे
जिमनेदारी के बोझ तले सुधार गया एक लड़का

मुझे तुम्हारी बस वो आखरी बात याद है
मम्मी नही मानेंगी पर तुमसे बहत प्यार है
उष दिन मुझे ये समझ आया
लेकिन, पर जिस लाइन पे लग जाते है
उनके पीछे का बजुत खतम हो जाता है

Latest Arguments Kumar Shayari Lyrics

क्या बताये यार जिंदगी में कितना बड़ा धोका हुआ है
जिसके साथ बिहा के सपने देखे उसका किसी और क साथ रोक हुआ है

तुम्हारा मन भर जाताहै तो
खाना छोड़ कर उठ जाते हो
कभी सोचना, कुछ लोगो का पेट भी नही भर पाता

ये जो दुनिया है ना ये दीखवे की है
मुझे जिंदगी में किसीकी ज्यादा जरूरत थी ना

एक सायर जो सोचे वो खयाल हो तुम
मनमे जगा दो, वो हजारो सवाल हो तुम

रिस्ता बचने के लिए हमे मुस्कुराना पड़ा
झूट पकड़ कर उसके, सच छुपाना पड़ा

एक दिन तुझे भी अबशोस होगा
क्यों ठुकराया ऐसे फरिस्ते को
यारो साथ छोड़ देना
पर गली मत देना रिस्ते को

गम चेगेरे का यू छुपाया न कर
बात दिल की दिल मे दबाया ना कर
चेहरे के हंशी में भी उदासी झलकती है
दिखबटी मेरी जान मुस्कुराया ना कर

जिस रस्सी में लटक के भगत सिंह ने फाँसी को मसहूर कर दिया
आज कल की आशिक फाँसी में चढ़ के उशे बदनाम कर रहेहै

मेरे जज्बातो का मजाक उड़ा
अपनी मजबूरी गिनबाई तुमने
ए जाना जाते जाते प्यार की औकात
दिखाने के लिए तेरा सुक्रिया

Leave a Reply